भोपाल। राजधानी स्थित मंत्रालय में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में प्रदेश के 6 जिलों में नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और उनकी निरंतरता को मंजूरी दी है। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करना है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नए मेडिकल कॉलेज वाले 6 जिले
कैबिनेट ने 6 जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई है।
राजगढ़ : यहां 150 एमबीबीएस सीटों के साथ कॉलेज प्रस्तावित है, जिसका शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू होने की संभावना है।
मंडला: आदिवासी बहुल इस जिले में 150 सीटों वाला कॉलेज 2027-28 तक शुरू हो सकता है।
नीमच: जिले में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए कॉलेज को मंजूरी मिली है।
मंदसौर: यहां का कॉलेज पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय सुंदर लाल पटवा के नाम पर स्थापित किया जा रहा है।
श्योपुर/शिवपुरी: कैबिनेट के नवीनतम निर्णयों में श्योपुर और शिवपुरी दोनों का उल्लेख है, जहां स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा।
सिंगरौली: यहां भी 150 एमबीबीएस सीटों के साथ मेडिकल कॉलेज की सुविधा मिलेगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
बजट आवंटन: सरकार ने राज्य में अगले 5 वर्षों में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना के लिए ₹1,674 करोड़ की राशि स्वीकृत की है।
सीटों में वृद्धि: इन नए कॉलेजों के शुरू होने से प्रदेश में एमबीबीएस की कुल सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। प्रत्येक बड़े कॉलेज में लगभग 100 से 150 सीटों का प्रावधान है।
PPP मॉडल: सरकार पीपीपी (PPP) मोड पर भी कई जिलों (जैसे धार, बैतूल, कटनी और पन्ना) में मेडिकल कॉलेज विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।
जिला अस्पतालों से जुड़ाव: ये सभी नए कॉलेज संबंधित जिला अस्पतालों से संबद्ध होंगे ताकि स्थानीय नागरिकों को बेहतर इलाज मिल सके।
मोहन कैबिनेट के फैसले
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों, महिलाओं और प्रदेश के विकास के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए हैं।
सिंचाई परियोजना: सागर जिले की मिडवासा सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है, जिससे किसानों को सिंचाई में बड़ी राहत मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण: ‘नारी शक्ति वंदन’ अभियान के तहत हर जिले में विशेष आयोजन करने और महिलाओं के उत्थान के लिए विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
शिक्षा क्षेत्र में निवेश: प्रदेश में महाविद्यालयों (colleges) के निर्माण और विस्तार के लिए लगभग 1674 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
जनजातीय महोत्सव: राज्य में जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और प्रचार के लिए जनजातीय महोत्सव के आयोजन को मंजूरी दी गई है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
दिल्ली में पढ़ रहे अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए 10,000 रुपए प्रति माह की वित्तीय सहायता का प्रावधान।
उज्जैन हवाई पट्टी के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण और बजट को मंजूरी ताकि वहां एयरबस का संचालन हो सके।
पीएम श्री स्कूल योजना का विस्तार और कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने का निर्णय।
