—पीड़ित किसान एसडीएम से लगाते रहे गुहार, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने एक नहीं सुनी
—पीड़ित किसानों की जमीन का बिना अधिग्रहण दिलाया जबरन कब्जा
—कलेक्टर, एसडीएम सहित राजस्व अमले की कार्रवाई पर खड़े हुए सवाल
सतना/भोपाल। खुद को किसान हितैषी पार्टी होने का दंभ भरने वाली भाजपा सरकार में अन्नदाताओं के खेतों पर प्रशासन का कहर बरपा रहा है। आलम यह है कि किसानों को चार गुना मुआवजा देने का प्रावधान करने वाली भाजपा सरकार में किसानों को चार गुना मुआवजा तो दूर यहां तो बिना अधिग्रहण और मुआवजा के खेती की जमीन पर जबरन बुलडोजर लगवाकर सीमेंट प्लांट की खदान लगवा दी गई। यह सब कारनामा खुद प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जिसमें प्रिज्म जॉनसन सीमेंट प्रबंधन को 50 से अधिक किसानों की करीब 20 एकड़ से अधिक जमीन पर बिना सुनवाई और अनुमति के जबरन बुलडोजर चलवा दिया गया। गजब तो तब हो गया, जब सुशासन और जनहित सर्वोपरि बताने वाली भाजपा के राज में प्रिज्म सीमेंट प्रबंधन के इशारे पर एसडीएम, तहसीलदार सहित थाना प्रभारी की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ किसानों की खड़ी फसल में जबरन बुलडोजर चलवा कर खदान लगवा दी गई। हालांकि, इस दौरान लाचार किसान अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाते रहे। लेकिन भारी भरकम पुलिस और प्रशासन के डंडे के सामने देश का अन्नदाता कहा जाने वाला किसान बेबश नजर आया और अपनी ही आंखों के सामने अपने खेत पर खड़ी फसल को चौपट होते देख चाहकर भी कुछ कर रोक पाया। सरकार पर आरोप इसलिए लग रहे हैं कि यह पूरी कार्रवाई कलेक्टर के आदेश पर हुई है। यही नहीं रामपुर बाघेलान एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी सहित भारी-भरकम पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में हुई। यह खुलासा जिला प्रशासन की अधिग्रहण की कार्रवाई की पड़ताल के बाद हुआ है।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह मामला सतना जिले की रामपुर बाघेलान थाना अंतर्गत हिनौती पटवारी हल्का के बदरखा गांव का है। यहां प्रिज्म जॉनसन सीमेंट लिमिटेड पूर्व में प्रिज्म सीमेंट लिमिटेड द्वारा मप्र भू-राजस्व संहिता 1959 (संशोधन अधिनियम 2018) की धारा 247 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवेदन दिया कि मौजा बदरखा तहसील रामपुर बाघेलान, जिला सतना स्थित भूमि रकवा 40.236 हेक्टेयर में कंपनी को 20 वर्ष की अवधि के लिए चूना पत्थर उत्खनन करने के लिए खनि पटूट्टा स्वीकृत है। इनमें बदरखा तहसील रामपुर बाघेलान अन्तर्गत विभिन्न आराजी नंबर 83/1/1/1 रकबा 0.030 हे., 83/1/1/2 रकबा 0.042 हे., 83/1/1/3 रकबा 0.069 हे., 83/1/2 रकबा 0.049 हे., 83/1/3 रकबा 0.085 हे., 83/1/4 रकबा 0.040 हे., 83/2 रकबा 0.315 हे., 95/2 रकबा 0.016 हे., 95/4/1 रकबा 0.008 हे., 95/4/2 रकबा 0.008 हे., 95/5 रकबा 0.016 हे., 95/6 रकबा 0.008 हे., 64/6 रकबा 0.166 हे., 95/7/1 रकबा 0.004 हे., 94/3/1 रकबा 0.042 हे., 161/1/क रकबा 0.036 हे., 95/7/2 रकबा 0.004 हे., 94/3/2 रकबा 0.043 हे., 161/1/ख/1 रकबा 0.016 हे., 95/8/1 रकबा 0.004 हे., 94/4 रकबा 0.089 हे., 161/2/1 रकबा 0.037 हे., 95/8/2 रकबा 0.004 हे., 161/2/2 रकबा 0.036 हे., 95/9 रकबा 0.008 हे., 94/2 रकबा 0.336 हे., 161/1/ख/2 रकबा 0.020 हे., 161/3/1/1 रकबा 0.036 हे., 161/3/1/2 रकबा 0.035 हे., 161/3/2 रकबा 0.070 हे., 161/6 रकबा 0.073 हे., 161/7/1/1 रकबा 0.026 हे., 161/7/1/2/ग रकबा 0.048 हे., 161/7/1/3/1 रकबा 0.020 हे., 161/7/1/3/2 रकबा 0.021 हे., 161/7/1/3/3 रकबा 0.020 हे., 161/7/1/3/4 रकबा 0.020 हे., 361/7/1/3/5 रकबा 0.020 हे., 161/7/1/3/6 रकबा 0.020 हे0, 166/1 रकबा 0.38 हे., 166/2/1 रकबा 0.161 हे., 166/2/2 रकबा 0.053 हे., 164/1 रकबा 0.017 हे., 164/2/क रकबा 0.009 हे., 164/2/ख रकबा 0.008 हे., 164/3 रकबा 0.018 हे., 164/4 रकबा 0.018 हे., 164/5/क रकबा 0.009 हे., 164/5/ख रकबा 0.009 हे., 164/6 रकबा 0.017 हे0, 159/2 रकबा 0.040 हे०, 159/3 रकबा 0.040 हे0, 159/4 रकबा 0.040 हे., 158/1 रकबा 0.024 हे., 156 रकबा 0.0174 हे., 158/2 रकबा 0.022 हे., 158/4 रकबा 0.024 हे., 158/5/क रकबा 0.010 हे., 158/5/ख रकवा 0.013 हे., 158/6 रकबा 0.023 हे., 157/1/क/1 रकवा 0.012 हे., 157/1/क/2 रकबा 0.012 हे., 157/1/क/3 रकुवा 0.010 हे., 157/1/ख/1 रकबा 0.014 हे., 157/1/ख/2 रकबा 0.014 हे., 157/1/ग/1 रकबा 0.014 हे., 157/1/ग/2 रकबा 0.014 हे., 157/2/1 रकबा 0.027 हे., 157/2/2 रकबा 0.008 हे., 157/2/3 रकबा 0.008 हे., 157/2/4 रकबा 0.008 हे., 157/2/5 रकबा 0.008 हे., 157/2/6 रकबा 0.032 हे., 100/1 रकबा 0.248 हे., 100/2/1 रकबा 0.011 हे., 100/2/2 रकबा 0.069 हे. कुल किता 76 कुल रकबा 3.316 हेक्टेयर कुल किता 76 के कुल रकबा 3.316 हेक्टेयर में स्वीकृत लीज क्षेत्र पर उत्खनन करने हेतु भू-प्रवेश की अनुमति मांगी। मामले में एसडीएम रामपुर बाघेलान के जांच प्रतिवेदन के बाद कलेक्टर सतना द्वारा वर्ष 2022—23 में भू—प्रवेश की अनुमति दी गई।

पहले बिना मुआवजा जबरन भूमि का अधिग्रहण, फिर दूसरी जमीन पर लगवा दी खदान
जानकारी के मुताबिक, प्रिज्म सीमेंट प्रबंधन द्वारा बदरखा की आराजी नंबर 86/2/1 रकबा 0.182 हे., 86/2/2/1 रकबा 0.110 हे. 86/2/2/2 रकबा 0.052 हे., 86/1/2 रकबा 0.182, 87/4 रकबा 0.016 हे., 87/5/1 रकबा 0.018 हेक्टेयर, 87/5/2 रकबा 0.014 हे., 87/6 रकबा 0.057 हे., 89/1/1/2 रकबा 0.012 हे., 89/1/2 रकबा 0.159 हे., 89/2 रकबा 0.325 हे., 90/1 रकबा 0.206 हे., 90/2 रकबा 0.202 हे., 90/3/1/2 रकबा 0.020 हे., 90/3/1/4 रकबा 0.020 हे., 90/3/2/3/1 रकबा 0.020 हे., 90/3/2/3/2 रकबा 0.020 हे., 90/4/2 रकबा 0.114 हे., 90/5 रकबा 0.227 हे., 90/6/1/1 रकबा 0.090 हे., 90/6/1/2 रकबा 0.090 हे., 90/7/1/1 रकबा 0.013 हे., 90/7/1/2 रकबा 0.020 हे., 90/7/1/3 रकबा 0.060 हे., 90/7/2 रकबा 0.093 हे., 90/8/1 रकबा 0.093 हे., 90/8/2 रकबा 0.093 हे., 91/1 रकबा 0.344 हे., 90/2/1 रकबा 0.265 हे., 90/2/2 रकबा 0.081 हे. रकबा पर जबरन बिना अधिग्रहण एवं बिना मुआवजा किसानों की खेती की भूमि पर जबरन बुलडोजर चलवाकर खदान लगवा दी गई। यह कार्रवाई 29 अप्रैल को की गई।

विरोध कर रहे किसानों को पुलिस ने खदेड़ा, एसडीएम की मौजूदगी में चला बुलडोजर
किसानों का आरोप है कि प्रिज्म जॉनसन सीमेंट प्रबंधन के इशारे पर प्रशासन ने जबरन खेती की जमीन पर खदान लगवा दी, जबकि इस जमीन के लिए न तो अधिग्रहण की कार्रवाई की गई है और न ही किसानों को मुआवजा दिया गया है। यहां तक कि इन खसरा नंबरों के किसानों को बिना कोई सूचना दिए यह कार्रवाई की गई है। किसानों का कहना है कि प्रिज्म जॉनसन सीमेंट प्रबंधन और प्रशासन की जबरन कार्रवाई का गांव के 50 से अधिक किसानों ने विरोध किया, लेकिन भारी पुलिस बल की तैनाती और राजस्व अमले की मौजूदगी में किसानों की एक नहीं सुना और उन्हें खदेड़ जबरन फसल चौपट कर जमीन पर बुलडोजर चलाया गया।

नोट : लाल घेरे वाली किसानों की फसल खड़ी भूमि पर जबरन बुलडोजर चलवाकर दिलवाया अवैध कब्जा। 50 से अधिक किसानों की इस जमीन का न तो अब तक अधिग्रहण किया गया है और न ही मुआवजा तय किया गया है। यही नहीं कलेक्टर द्वारा भू—प्रवेश की अनुमति भी नहीं दी गई है।
नीले घेरे वाली भूमि का दिलाना था कब्जा, क्योंकि इस भूमि के अधिग्रहण की कार्रवाई के बाद कलेक्टर ने दी थी भू—प्रवेश की अनुमति। जहां प्रिज्म जॉनसन सीमेंट प्रबंधन को अधिग्रहण की कार्रवाई के बाद खदान लगानी थी।
प्रशासन की पारदर्शिता सवालों के घेरे में
किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने सीमेंट कंपनी प्रबंधन की मनमानी में सहभागिता करते हुए किसानों की बेशकीमती जमीन पर जबरन कब्जा करवा दिया। किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने न तो भौतिक सत्यापन किया और न ही किसानों को नोटिस आदि की कार्रवाई की गई। ऐसे में प्रशसान की पारदर्शिता भी सवालों के घेरे में है। बताया जाता है कि जिस तत्परता और सख्ती से प्रशासन ने किसानों की बिना अधिग्रहण और मुआवजा का भुगतान किए बिना जबरन खदान लगवाई, उससे प्रशासन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में हैं।
चार गुना मुआवजा तो छोड़िए, बाजार मूल्य पर भी नहीं दिया मुआवजा
प्रशासन की अंधेरगर्दी और प्रिज्म जॉनसन सीमेंट प्रबंधन की गुंडागर्दी का आलम यह है कि केंद्र और राज्य सरकार के स्पष्ट नियम हैं कि व्यावसायिक उपयोग के लिए चार गुना मुआवजा के आधार पर ही जमीन की अधिग्रहण किया जाएगा, लेकिन नियमों को दरकिनार करते हुए प्रिज्म प्रबंधन कौड़ियों के दाम करोड़ों की जमीन किसानों से छीन रही है। मजेदार बात यह है कि जिस पुलिस और प्रशासन पर किसानों के साथ न्याय करने की जिम्मेदारी है, वहीं प्रिज्म जॉनसन सीमेंट प्रबंधन की गुंडागर्दी में सहभागी बन रहे हैं।
प्रशासन पर गंभीर आरोप, फॉरेस्ट और राजस्व भूमि पर भी खदानें
बदरखा गांव में प्रिज्म जॉनसन सीमेंट प्रबंधन की गुंडागर्दी थम नहीं रही है। इसके पहले भी कई किसानों की जमीनों पर जबरन बिना अधिग्रहण कब्जा कर खदान लगाई जा चुकी है। यही नहीं हिनौती में तो प्रिज्म सीमेंट प्रबंधन ने फॉरेस्ट और राजस्व भूमि को भी नहीं बख्शा। यहां पर प्रिज्म सीमेंट प्रबंधन द्वारा नियमों को दरकिनार कर सरकार जमीन पर भी खदानें लगाई गई हैं।
बदरखा में किसानों के शोषण के जिम्मेदार
कलेक्टर, सतना
एसडीएम रामपुर बाघेलान
तहसीलदार
राजस्व निरीक्षक
पटवारी
थाना प्रभारी
कलेक्टर, एसडीएम ने कॉल नहीं किया रिसीव
इस संबंध में सतना कलेक्टर सतीश एस कुमार से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। वहीं रामपुर बाघेलान एसडीएम सुभाष मिश्रा के मोबाइल नंबर पर भी संवाददाता द्वारा संपर्क किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ, जिससे उनका पक्ष नहीं रखा जा सका।
क्या कहना है नियम
मप्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण पर किसानों को गाइडलाइन वैल्यू (बाजार मूल्य) का 4 गुना मुआवजा का प्रावधान किया है। कैबिनेट बैठक में ‘मध्य प्रदेश भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित मुआवजे और पारदर्शिता के अधिकार संबंधी नियम, 2015’ में इस संशोधन को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मुआवजे के गुणन कारक को 1.0 से बढ़ाकर 2.0 कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, सोलेशियम और अन्य घटकों को मिलाकर किसानों को अब कुल चार गुना मुआवजा मिलेगा।
वहीं भारत सरकार के ‘भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम 2013’ (LARR Act) के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के बदले किसानों को जमीन के बाजार मूल्य का 4 गुना तक मुआवजा दिया जाता है。शहरी क्षेत्रों में यह मुआवजा बाजार मूल्य का दोगुना (2 गुना) तय किया गया है।
4 गुना मुआवजे का नियम (Actionable Details)
मुआवजे की गणना इस प्रकार की जाती है
ग्रामीण क्षेत्र (Rural Areas): राज्य सरकार द्वारा तय की गई गाइडलाइन या बाजार मूल्य का चार गुना (4x)।
शहरी क्षेत्र (Urban Areas): गाइडलाइन या बाजार मूल्य का दोगुना (2x)।
अन्य अतिरिक्त लाभ:सोलिटियम (Solatium): कुल मुआवजे की राशि पर 100% (100% Solatium) अतिरिक्त राशि (मकान, पेड़ों या अन्य नुकसान के लिए) दी जाती है।
राज्य स्तर पर: विकास परियोजनाओं को आसान बनाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में मुआवजे के गुणन कारक (मल्टीप्लायर) को बढ़ाकर 2.0 कर दिया है,जिससे कुछ मामलों में सीधा 4 गुना तक मुआवजा मिलता है।
अधिकार और प्रक्रिया:अधिनियम के तहत सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) अनिवार्य है।
निजी या पीपीपी (PPP) परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु संबंधित 70% से 80% भू-स्वामियों की सहमति आवश्यक है।
