नई दिल्ली। देश के युवा और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जेनरेशन-जेड यानी Gen-Z पर विशेष फोकस शुरू किया है। पार्टी ने युवाओं से सीधे संवाद के लिए एक विशेष आउटरीच टीम गठित की है। इसमें भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े के अलावा गुजरात के मंत्री हर्ष सांघवी तथा छत्तीसगढ़ के मंत्री ओपी चौधरी समेत कई नेता शामिल हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!विश्वविद्यालयों और स्कूलों तक पहुंचेगी टीम
भाजपा के प्रस्तावित Gen-Z Outreach Programme के तहत नेताओं को विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और सरकारी स्कूलों में जाकर युवाओं से बातचीत करने की योजना है। पार्टी का जोर केवल अपना संदेश पहुंचाने के बजाय युवाओं की समस्याओं, आकांक्षाओं और सवालों को सीधे समझने पर भी है। रिपोर्टों के अनुसार अभियान अगले महीने से शुरू किया जा सकता है।
रोजगार-शिक्षा से लेकर डिजिटल दुनिया तक मुद्दे
Gen-Z के साथ संवाद में रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीक और डिजिटल अवसर जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। पार्टी की रणनीति युवाओं के बीच पारंपरिक राजनीतिक संवाद के साथ सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की पहुंच को भी मजबूत करने की है।
सरकार भी बढ़ा रही युवाओं से संपर्क
भाजपा के संगठनात्मक अभियान के समानांतर केंद्र सरकार ने भी Gen-Z और Gen-Alpha तक पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया है। मंत्रियों की सोशल मीडिया पहुंच और युवाओं से डिजिटल संवाद को मजबूत करने के साथ स्कूलों और विश्वविद्यालयों में सीधे संपर्क बढ़ाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब युवा वर्ग शिक्षा, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर राजनीतिक रूप से अधिक मुखर दिखाई दे रहा है। ऐसे में भाजपा की कोशिश Gen-Z को केवल मतदाता के तौर पर नहीं, बल्कि भविष्य के राजनीतिक संवाद में महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में जोड़ने की है।
