नई दिल्ली/भोपाल। पीएम किसान सम्मान निधि का इंतजार कर रहे किसानों के लिख खुशखबर है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान करते हुए कहा कि देशभर के करीब 9.5 करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार 800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक 22 किस्तों के माध्यम से लगभग 4 लाख 28 हजार करोड़ रुपए किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि हर चार माह में किसानों को मिलने वाली यह सहायता राशि छोटे और सीमांत किसानों के लिए बड़ा संबल बन चुकी है और खरीफ की बुआई से पूर्व यह राशि किसानों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को भोपाल में एक पत्रकारवार्ता में कहा, 20 जून को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से जारी करेंगे। दोपहर 3:45 बजे आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री देशभर के लगभग 9.5 करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित करेंगे।
पश्चिम बंगाल और मध्यप्रदेश के किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत अब पश्चिम बंगाल के किसानों को भी बड़े स्तर पर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में राज्य सरकार द्वारा पात्र किसानों की सूची समय पर और समुचित रूप से उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण अनेक किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल सका था। लेकिन अब आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद 44 लाख 42 हजार पात्र किसानों के खातों में लगभग 885 करोड़ रुपये की सम्मान निधि सीधे डीबीटी के माध्यम से अंतरित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता है कि देश का कोई भी पात्र किसान इस योजना के लाभ से वंचित न रहे और सभी किसानों तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता पहुंचे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की यह राशि खरीफ सीजन की बुआई के समय किसानों के लिए महत्वपूर्ण सहयोग साबित होगी और कृषि कार्यों में उनकी आर्थिक मजबूती बढ़ाने में सहायक बनेगी। वहीं मध्यप्रदेश में 23वीं किस्त के अंतर्गत 81 लाख 67 हजार 213 किसानों के खातों में 1,634 करोड़ 88 लाख रुपये की राशि भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक 22 किस्तों के माध्यम से मध्यप्रदेश के किसानों के खातों में 33 हजार 721 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है।
देशभर में व्यापक स्तर पर मनेगा पीएम किसान उत्सव दिवस
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी होने के अवसर पर पूरे देश में पीएम किसान उत्सव दिवस मनाया जाएगा। इसके अंतर्गत देश के सभी 731 कृषि विज्ञान केंद्रों, 113 आईसीएआर संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों, राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंडियों, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों और एफपीओज़ भी विशेष आयोजन किए करेंगे। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि लगभग 46 लाख किसान अलग-अलग स्थानों से प्रधानमंत्री के संबोधन से जुड़ेंगे। सभी केंद्रीय मंत्री, कृषि मंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्री भी कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की कि, वे अपने निकट आयोजित कार्यक्रमों में अवश्य भाग लें।
पीएम आशा योजना के तहत कई राज्यों को खरीदी की अनुमति
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने और दलहन फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने पीएम आशा योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और गुजरात को मूंग, मसूर व उड़द की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से इन राज्यों के किसानों को अपनी उपज का लाभकारी मूल्य प्राप्त होगा और बाजार में मूल्य गिरने की स्थिति में भी उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि, मध्यप्रदेश के संबंध में राज्य सरकार और संबंधित मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक आयोजित कर खरीदी की तैयारियों और आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। बैठक में प्राप्त सुझावों और राज्य सरकार के साथ समन्वय के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जिसकी घोषणा शीघ्र की जाएगी।
अल नीनो की संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार है केंद्र सरकार
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अल नीनो के संभावित प्रभाव और मानसून में देरी की स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार लगातार समीक्षा कर रही है। प्रत्येक सप्ताह संबंधित विभागों और राज्य सरकारों के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं ताकि यदि वर्षा में विलंब हो या बारिश के बीच लंबा अंतराल आए तो किसानों को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि संभावित प्रभावित जिलों के लिए कंटीजेंसी प्लान तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें कम पानी वाली फसलें, वैकल्पिक फसलें, उपयुक्त बीजों की उपलब्धता और आवश्यक कृषि प्रबंधन की रणनीति शामिल है। उन्होंने कहा कि पूर्व में 197 संभावित प्रभावित जिलों की पहचान की गई थी और सभी के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। केंद्र और राज्य सरकारें समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित परिस्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
पराली प्रबंधन के लिए समय रहते उठाए जाएंगे प्रभावी कदम
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आगामी फसल चक्र को ध्यान में रखते हुए पराली प्रबंधन के लिए इस बार बुआई के समय से ही राज्य सरकारों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए पूर्व तैयारी अत्यंत आवश्यक है, ताकि कटाई के बाद किसानों को पराली जलाने की आवश्यकता न पड़े। केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ समन्वय स्थापित कर आधुनिक तकनीकों, कृषि यंत्रों और वैकल्पिक प्रबंधन उपायों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पराली का उपयोग जैविक खाद, पशु चारे, बायो-सीएनजी, ऊर्जा उत्पादन और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों में किया जा सकता है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर भी प्राप्त होंगे। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देते हुए पर्यावरण संरक्षण और किसानों के हितों के बीच संतुलन स्थापित करना है, ताकि फसल अवशेष प्रबंधन एक जनभागीदारी आधारित सफल अभियान बन सके।
