Skip to content
AapTak

AapTak

सच, बेहिचक

Primary Menu
  • Home
  • NATIONAL
  • WORLD
  • MP/CG
  • POLITICS/ADMIN
  • BUSSINESS
  • SPORTS
  • LIFESTYLE
    • ENTERTANMENT
    • JOB
    • LIFESTYLE
  • Artical
Light/Dark Button
Live
  • Home
  • LIFESTYLE
  • लिवर को सर्वाधिक नुकसान क्यों पहुंचाती हैं एंटीबायोटिक्स: रिसर्च
  • LIFESTYLE
  • Health

लिवर को सर्वाधिक नुकसान क्यों पहुंचाती हैं एंटीबायोटिक्स: रिसर्च

aaptak.co.in1@gmail.com February 27, 2026
antibaitic dangers to liver

मुंबई। आईआईटी मुंबई की एक नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिसर्च के अनुसार एंटीबायोटिक्स जानलेवा इन्फेक्शन से लड़ने में जान बचाने वाली होती हैं। फिर भी, उनके अनचाहे नतीजे हो सकते हैं। डॉक्टरों ने लंबे समय से देखा है कि कुछ एंटीबायोटिक्स लिवर एंजाइम को बढ़ाती हैं या सूजन पैदा करती हैं, और कुछ मामलों में, वे गंभीर नुकसान भी पहुंचा सकती हैं, जिससे लिवर फेलियर हो सकता है। इसका कारण सिर्फ यह नहीं है कि वे कितनी मजबूत हैं, बल्कि यह भी है कि वे लिवर सेल्स पर कहां होती हैं और उनकी बाहरी परत, जिसे हम सेल मेम्ब्रेन कहते हैं, के साथ कैसे इंटरैक्ट करती हैं।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

आईआईटी बॉम्बे के रिसर्चर्स की नई स्टडी इस इंटरेक्टिविटी पर रोशनी डालती है, और दवा की सेफ्टी का अनुमान लगाने का नया तरीका देती है। यह जानकारी दवा के डेवलपमेंट की नई और सुरक्षित क्लास के लिए जरूरी असर है। यह स्टडी करके कि दवाएं मॉलिक्यूलर लेवल पर सेल मेम्ब्रेन के साथ कैसे जुड़ती हैं, रिसर्चर्स अब क्लिनिकल ट्रायल शुरू होने से पहले टॉक्सिसिटी के खतरों का अनुमान लगा सकते हैं। एंटीबायोटिक्स से लिवर को होने वाला नुकसान चिंता की बात क्यों है?

दवाओं से होने वाला लिवर इंजरी एक मुख्य कारण है कि दवाइयों को मार्केट से हटा दिया जाता है या अप्रूवल के बाद उन पर रोक लगा दी जाती है। चुनौती यह है कि लिवर इंजरी का अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल होता है। कई मरीजों में शुरू में कोई लक्षण नहीं दिखते, जबकि दूसरे कई दवाएं लेते हैं, जिससे असली वजह का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। यहां तक कि मिलती-जुलती दवाएं भी बहुत अलग तरह से काम कर सकती हैं।

सोच बदल सकते हैं नए नतीजे

स्टडी का नेतृत्व बायोसाइंसेज और बायोइंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो. आशुतोष कुमार और सनवे यूनिवर्सिटी, मलेशिया के प्रो. वेट्रिसेल्वन सुब्रमण्यन ने किया है। प्रो. कुमार ने कहा, पहले, लोगों का मानना था कि दवा का मॉलिक्यूल सेल्स को कितना नुकसान पहुंचाता है, इससे यह पता चलता है कि यह सेल मेम्ब्रेन को कितना तोड़ता है। हमारे नतीजे इस सोच को बदल सकते हैं। स्टडी में दो पावरफुल एंटीबायोटिक्स पर फोकस किया गया, जिनका इस्तेमाल हॉस्पिटल में होने वाले और वेंटिलेटर से जुड़े निमोनिया जैसे गंभीर बैक्टीरियल इन्फेक्शन के खिलाफ किया जाता है। टेकोप्लानिन, जिसे अक्सर क्लिनिकल प्रैक्टिस में लिवर की समस्याओं से जोड़ा जाता है और ओरिटावैनसिन, जिसे आमतौर पर बेहतर तरीके से सहन किया जाता है। दोनों केमिकली एक जैसे हैं और लगभग एक ही तरह से बैक्टीरिया को मारते हैं, फिर भी उनकी लिवर टॉक्सिसिटी में काफी अंतर होता है।

रिसर्चर्स को क्या मिला?

ओरिटावैनसिन ने मेम्ब्रेन को ज्यादा मजबूती से डिस्टर्ब किया, जिससे वे एक साथ चिपक गईं और फ्यूज हो गईं, जिससे उनका स्ट्रक्चर साफतौर पर बदल गया। हैरानी की बात है कि टेकोप्लानिन ने मेम्ब्रेन को काफी हद तक सही-सलामत छोड़ दिया, लेकिन सतह पर चिपका रहा, और लंबे समय तक इंटरैक्ट करता रहा। यह सतह-लेवल पर बना रहना ज्यादा नुकसानदायक साबित हुआ। चूहों पर हुई स्टडी में, टेकोप्लानिन से इलाज किए गए जानवरों में लिवर एंजाइम बढ़े हुए, सूजन और टिशू डैमेज दिखे। जिन चूहों को ओरिटावैनसिन दिया गया, उन पर सिर्फ हल्के असर हुए। एंजाइम का लेवल थोड़ा बढ़ा, और टिशू डैमेज बहुत कम हुआ।

टेइकोप्लेनिन लिवर के लिए ज्यादा नुकसानदायक है, भले ही यह मेम्ब्रेन के स्ट्रक्चर को थोड़ा ही खराब करता है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि यह मेम्ब्रेन की सतह पर चिपक जाता है, जिससे सतह का चार्ज बदल जाता है और बाहरी लिपिड लेयर कैसे पैक होती है और कैसे चलती है, यह बदल जाता है। ओरिटावैनसिन मेम्ब्रेन के अंदर और गहराई तक धंस जाता है। इसके नुकसानदायक असर असली हैं, लेकिन सेल के काम के लिए जरूरी सतह-स्तर के प्रोसेस में सीधे दखल देने की संभावना कम होती है।

दवा के डेवलपमेंट पर पड़ेगा असर

इस झिल्ली-केंद्रित दृष्टिकोण को लागू करने से, हम यह पता लगा सकते हैं कि कुछ उपचार अप्रत्याशित दुष्प्रभाव क्यों पैदा करते हैं और उस ज्ञान का उपयोग स्वस्थ कोशिकाओं के लिए कम विषाक्त कोमल यौगिकों को डिजाइन करने के लिए कर सकते हैं। क्योंकि ये परीक्षण अपेक्षाकृत तेज और स्केलेबल हैं, इसलिए उन्हें दवा विकास के दौरान मानक सुरक्षा जांच में जोड़ा जा सकता है।

छोटी-मोटी गड़बडिय़ां से लिवर को लगती है चोट

स्टडी से पता चलता है कि मेम्ब्रेन की सतह पर लगातार तनाव नॉर्मल सेलुलर कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रिकल प्रॉपर्टीज में दखल देता है। समय के साथ, ये छोटी-मोटी गड़बडिय़ां जमा हो जाती हैं, जिससे लिवर को चोट लगती है। प्रो. कुमार ने कहा, हमारे नतीजे इस बात पर ध्यान देते हैं कि कितना नुकसान होता है, इस पर कि कोई दवा मेम्ब्रेन के साथ कहां और कितनी देर तक इंटरैक्ट करती है, जिससे यह समझने में मदद मिलती है कि कुछ दवाएं दूसरों की तुलना में लिवर को ज़्यादा नुकसान क्यों पहुंचाती हैं। कुल मिलाकर, ये नतीजे बताते हैं कि टॉक्सिसिटी सिर्फ केमिकल पोटेंसी के बारे में नहीं है, बल्कि सेल मेम्ब्रेन के अंदर बायोफिजिकल पोजिशनिंग के बारे में है।

टेइकोप्लेनिन और ओरिटावैनसिन का उपयोग किस लिए किया जाता है?

प्रो. कुमार ने बताया कि टेइकोप्लेनिन, ओरिटावैनसिन शक्तिशाली एंटीबायोटिक्स हैं जिनका उपयोग ग्राम-पॉजिटिव बैक्टीरिया के कारण होने वाले गंभीर संक्रमणों के इलाज के लिए किया जाता है, बैक्टीरिया का एक समूह जो गंभीर निमोनिया, रक्तप्रवाह संक्रमण, हृदय संक्रमण (एंडोकार्डिटिस), और गहरी त्वचा या हड्डी के संक्रमण जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकता है।

लिवर इंजरी

कुछ एंटीबायोटिक दवाएं लीवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिसे मेडिकल भाषा में ड्रग-इंड्यूस्ड लिवर इंजरी (DILI) कहा जाता है। हालांकि, अधिकांश लोगों के लिए ये दवाएं सुरक्षित होती हैं, लेकिन कुछ मामलों में ये गंभीर समस्या पैदा कर सकती हैं।

लीवर को प्रभावित करने वाले प्रमुख एंटीबायोटिक्स:

एमोक्सिसिलिन-क्लेवुलानेट (Augmentin): यह दुनिया भर में लीवर की चोट का सबसे आम कारण माना जाता है।

एंटी-ट्यूबरकुलोसिस (TB) दवाएं: आइसोनिआज़िड (Isoniazid), रिफैम्पिसिन (Rifampicin) और पाइराज़िनामाइड (Pyrazinamide) लीवर के लिए काफी भारी हो सकती हैं।

मैक्रोलाइड्स: जैसे एरिथ्रोमाइसिन (Erythromycin) और एज़िथ्रोमाइसिन (Azithromycin)।

सल्फोनामाइड्स: जैसे को-ट्रिमोक्साज़ोल।

टेट्रासाइक्लिन: लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर ये लीवर में वसा (steatosis) जमा कर सकती हैं।

ध्यान देने योग्य लक्षण:
यदि एंटीबायोटिक लेने के दौरान या बाद में आपको ये लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

त्वचा या आंखों का पीला होना (पीलिया)
गहरे रंग का पेशाब
पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द
अत्यधिक थकान या मतली

बचाव के लिए सुझाव:

बिना सलाह दवा न लें: कभी भी खुद से (Self-medication) एंटीबायोटिक न खाएं。
पूरी जानकारी दें: यदि आपको पहले से लीवर की कोई बीमारी है, तो डॉक्टर को जरूर बताएं。
शराब से बचें: एंटीबायोटिक कोर्स के दौरान शराब पीने से लीवर पर दबाव बढ़ सकता है。 

अधिकतर मामलों में, दवा बंद करने के बाद लीवर अपने आप ठीक हो जाता है।

About the Author

aaptak.co.in1@gmail.com

Administrator

Web News Portal

Visit Website View All Posts

Post navigation

Previous: शराब केस: केजरीवाल, सिसोदिया कोर्ट से बरी, हाईकोर्ट जाएगी CBI
Next: कुनो: गामिनी ने दिया चौथे बच्चे को जन्म, अब 39 मेहमान

Related Stories

sleep
  • LIFESTYLE

दिन में 10 मिनट कसरत से मिल सकती है गहरी नींद : रिसर्च

aaptak.co.in1@gmail.com October 13, 2026
film award 2026
  • LIFESTYLE

72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: नाग को दादा साहेब फाल्के सम्मान

aaptak.co.in1@gmail.com September 23, 2026
Screen time child research
  • LIFESTYLE

स्क्रीन टाइम बच्चों की मेमोरी कर रही कमजोर: रिसर्च

aaptak.co.in1@gmail.com August 24, 2026
  • मध्यप्रदेश खाद्य प्रसंस्करण और सोया उद्योग के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा आगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार कृषि, उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, एमएसएमई, खनन, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए निरंतर कार्य कर - 16/10/2026
  • तीन मेट्रोपोलिटन रीजन को जोड़ेगा एक इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के साथ प्रदेश भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस विकास यात्रा में मध्यप्रदेश भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ ख - 16/10/2026
  • जनसमस्याओं का निराकरण संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम समाधान कार्यक्रम में विभिन्न शिकायतकर्ताओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओ - 16/10/2026
  • राज्य सरकार ओबीसी हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आज शुक्रवार को प्रात: ओबीसी महासभा के प्रतिनिधि मंडलों ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा व - 16/10/2026
  • औद्योगिक विकास को गति देने तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य शासन प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्योगों की स्थापना एवं विस्तार के लिए शासन की ओर से हरसंभव सहय - 16/10/2026
  • ह्यूमन रंगोली अन्तर्गत महिलाओं एवं छात्राओं ने बनाई मादा चीता मुखी की विशाल प्रतिकृति
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रोजेक्ट चीता के 4 वर्ष पूर्ण होने पर श्योपुर में 1,000 से अधिक महिलाओं एवं छात्राओं द्वारा ह्यूमन रंगोली के माध्यम से भारतीय मादा चीता ‘मुखी’ की विशाल - 16/10/2026
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र का किया निरीक्षण
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनविश्वास अभियान अंतर्गत मुरैना जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में दिव्यांगजनों के उपचार, पुनर्वास एवं समग्र विकास के लिए उपलब्ध कराई ज - 16/10/2026
  • श्रीमती बिलाश टांटी शर्मा के अंगदान से तीन लोगों को मिला जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीमती बिलाश टांटी शर्मा (शिवानी) के एम्स, भोपाल में अंगदान से तीन लोगों को जीवन मिला है। नर्मदापुरम जिले में बनखेड़ी के ग्राम खापा खुर्द निवासी श्रीमत - 16/10/2026
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व खाद्य दिवस की शुभकामनाएं दीं
    - 16/10/2026
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दीं
    - 16/10/2026

Recent Posts

  • ओबीसी आरक्षण पर फिर कोर्ट पहुंची मप्र सरकार
  • रात में सूरज की रोशनी बेचने की तैयारी!
  • मप्र में बिजली कटौती का सिरदर्द: मंत्री-विधायक भी परेशान; 10 से अधिक जिलों में प्रदर्शन
  • रीवा: गौशाला निर्माण में भ्रष्टाचार, EOW ने इंजीनियरों, ठेकेदार के खिलाफ दर्ज की FIR
  • अब अनजान नंबर से कॉल करने वालों की पहचान होगी आसान

Recent Comments

  1. लाड़ली बहनों का इंतजार खत्म, खातों में आई 41वीं किस्त - AapTak on PM Kisan: तारीख का ऐलान, इस दिन खाते में आएंगे ₹2,000
  2. बंगाल में भाजपा मजबूत, तमिलनाडु में विजय की पार्टी का जादू - AapTak on By Election: चार राज्य पांच सीटें, कहीं खुशी कहीं गम
  3. राहुल के बालाघाट दौरे में कलेक्टर-एसपी पर बड़ा आरोप, शाह को लिखा पत्र - AapTak on अंग्रेजी ‘शर्मनाक’ नहीं, बल्कि सशक्तीकरण करती है : राहुल
  4. कांग्रेस नेता ने की सिंधिया की तारीफ, पूर्व मंत्री ने याद दिलाया वादा - AapTak on सिंधिया का कांग्रेस पर निशाना, बोले— ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’
  5. Robertcealo on 7 राज्यों में 10वीं—12वीं ​के लिए होगा एक समान बोर्ड

Archives

  • October 2026
  • September 2026
  • August 2026
  • July 2026
  • June 2026
  • May 2026
  • April 2026
  • March 2026
  • February 2026
  • January 2026
  • December 2025
  • November 2025
  • October 2025
  • September 2025
  • August 2025
  • July 2025
  • June 2025
  • May 2025
  • April 2025
  • December 2024
  • October 2026
  • September 2026
  • August 2026
  • July 2026
  • June 2026
  • May 2026
  • April 2026
  • March 2026
  • February 2026
  • January 2026
  • December 2025
  • November 2025
  • October 2025
  • September 2025
  • August 2025
  • July 2025
  • June 2025
  • May 2025
  • April 2025
  • December 2024

You may have missed

obc reservation in mp politics
  • NATIONAL

ओबीसी आरक्षण पर फिर कोर्ट पहुंची मप्र सरकार

aaptak.co.in1@gmail.com October 16, 2026
Skyroot Aerospace, Sunlight at Night
  • WORLD

रात में सूरज की रोशनी बेचने की तैयारी!

aaptak.co.in1@gmail.com October 16, 2026
Electricity
  • NATIONAL

मप्र में बिजली कटौती का सिरदर्द: मंत्री-विधायक भी परेशान; 10 से अधिक जिलों में प्रदर्शन

aaptak.co.in1@gmail.com October 16, 2026
eow
  • MP/CG

रीवा: गौशाला निर्माण में भ्रष्टाचार, EOW ने इंजीनियरों, ठेकेदार के खिलाफ दर्ज की FIR

aaptak.co.in1@gmail.com October 16, 2026
हमारे बारे में…
आपतक एक प्रमुख हिंदी न्यूज पोर्टल है। इसमें राजनीतिक—प्रशासनिक और एक्सक्लूसिव समाचारों को प्रमुखता दी जाती है। ट्रेंडिंग न्यूज, बिजनेस, रोजगार तथा तकनीक से जुड़ी अहम खबरों को भी महत्व दिया जाता है।

संपर्क:
संपादक: आर.बी. सिंह
मोबाइल: 9425168479
कार्यालय: Katara Hills Bhopal, MP

खबर एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करें:
Email_id: aaptak.news28@gmail.com

  • Home
  • NATIONAL
  • WORLD
  • MP/CG
  • POLITICS/ADMIN
  • BUSSINESS
  • SPORTS
  • LIFESTYLE
  • Artical
  • Home
  • NATIONAL
  • WORLD
  • MP/CG
  • POLITICS/ADMIN
  • BUSSINESS
  • SPORTS
  • LIFESTYLE
    • ENTERTANMENT
    • JOB
    • LIFESTYLE
  • Artical
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.