–29 फीसदी बढ़ा टैक्स संग्रह के साथ 4 नंबर पर पहुंचा मप्र
-अक्टूबर में देश का जीएसटी कलेक्शन 2.31 लाख करोड़ रुपये के पार
-चार साल से अधिक समय में सबसे तेज वृद्धि, एमपी में 3,768 करोड़ रुपये का संग्रह
नई दिल्ली/भोपाल। देश की अर्थव्यवस्था के लिए जीएसटी कलेक्शन के मोर्चे पर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अक्टूबर 2026 में देश का सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह सालाना आधार पर 22.9 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी के साथ 2.31 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। यह पिछले चार साल से अधिक समय में दर्ज सबसे तेज वृद्धि बताई जा रही है। खास बात यह है कि मध्यप्रदेश ने भी टैक्स संग्रह के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है। प्रदेश का जीएसटी कलेक्शन 29 प्रतिशत बढ़कर 3,768 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
वित्त मंत्रालय की ओर से 1 नवंबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में देश का कुल सकल जीएसटी संग्रह 2,31,290 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल अक्टूबर में यह करीब 1.88 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह एक साल में राष्ट्रीय स्तर पर जीएसटी संग्रह में करीब 43 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।
मध्यप्रदेश का जीएसटी कलेक्शन 29 फीसदी बढ़ा
जीएसटी संग्रह में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा। अक्टूबर 2026 में प्रदेश से 3,768 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह हुआ, जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक है।
इस बढ़ोतरी के साथ मध्यप्रदेश ने देश के प्रमुख राज्यों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों की सूची में जगह बनाई है। प्रदेश की इस उपलब्धि को राज्य में आर्थिक गतिविधियों, कारोबार, औद्योगिक गतिविधियों और कर अनुपालन में सुधार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, केवल जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी के आधार पर आर्थिक विकास का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए उत्पादन, खपत, निवेश और रोजगार के आंकड़ों को भी देखना जरूरी है।
चार साल से ज्यादा समय में सबसे तेज वृद्धि
अक्टूबर में देश का जीएसटी संग्रह 22.9 प्रतिशत बढ़ा है। यह सितंबर में दर्ज 14.7 प्रतिशत की वृद्धि से काफी अधिक है। लगातार चौथे महीने देश का जीएसटी संग्रह 2 लाख करोड़ रुपये से ऊपर बना हुआ है। अक्टूबर का संग्रह चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल के 2.43 लाख करोड़ रुपये के बाद दूसरा सबसे बड़ा मासिक संग्रह रहा।
आयात से मिलने वाले टैक्स में 42.2 फीसदी की वृद्धि
अक्टूबर में जीएसटी संग्रह बढ़ने के पीछे आयात से मिलने वाले राजस्व की बड़ी भूमिका रही। आयात से प्राप्त जीएसटी राजस्व में सालाना आधार पर 42.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 72,246 करोड़ रुपये पहुंच गया। अक्टूबर 2025 में यह आंकड़ा 50,796 करोड़ रुपये था।
वहीं, घरेलू लेनदेन से प्राप्त जीएसटी राजस्व 15.8 प्रतिशत बढ़कर 1.59 लाख करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी अवधि में घरेलू जीएसटी संग्रह लगभग 1.37 लाख करोड़ रुपये था।
केंद्र और राज्यों को कितना मिला जीएसटी?
अक्टूबर 2026 के कुल जीएसटी संग्रह में विभिन्न कर श्रेणियों का योगदान
- केंद्रीय जीएसटी (CGST): 42,935 करोड़ रुपये
- राज्य जीएसटी (SGST): 51,340 करोड़ रुपये
- इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST): लगभग 1,37,015 करोड़ रुपये
- कुल सकल जीएसटी संग्रह: 2,31,290 करोड़ रुपये
इसमें घरेलू लेनदेन से प्राप्त IGST 64,769 करोड़ रुपये और आयात से प्राप्त IGST 72,246 करोड़ रुपये रहा।
रिफंड के बाद भी 2.03 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध संग्रह
अक्टूबर में सरकार ने कुल 27,934 करोड़ रुपये का जीएसटी रिफंड जारी किया। यह पिछले साल अक्टूबर की तुलना में 6.5 प्रतिशत अधिक है। रिफंड घटाने के बाद शुद्ध जीएसटी राजस्व 2,03,356 करोड़ रुपये रहा। इसमें सालाना आधार पर 25.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस प्रकार सकल संग्रह के साथ-साथ शुद्ध राजस्व में भी मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली।
अप्रैल से अक्टूबर तक 14.78 लाख करोड़ रुपये का संग्रह
चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले सात महीनों में भी जीएसटी संग्रह की रफ्तार मजबूत बनी हुई है। अप्रैल से अक्टूबर 2026 के बीच देश का कुल सकल जीएसटी संग्रह 14,77,569 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह करीब 13.05 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह सात महीनों के दौरान कुल संग्रह में 13.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, इसी अवधि में रिफंड के बाद शुद्ध जीएसटी राजस्व 12.69 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 12.6 प्रतिशत अधिक है।
महाराष्ट्र सबसे आगे, असम की वृद्धि सबसे तेज
राज्यों के प्रदर्शन में महाराष्ट्र अक्टूबर के दौरान सबसे आगे रहा। राज्य ने 35,150 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह किया, जो पिछले साल की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है।
अन्य प्रमुख राज्यों का प्रदर्शन
- कर्नाटक: 15,922 करोड़ रुपये, 18 प्रतिशत वृद्धि।
- गुजरात: 13,516 करोड़ रुपये, 16 प्रतिशत वृद्धि।
- उत्तर प्रदेश: 10,235 करोड़ रुपये, 24 प्रतिशत वृद्धि।
- मध्यप्रदेश: 3,768 करोड़ रुपये, 29 प्रतिशत वृद्धि।
- केरल: 3,486 करोड़ रुपये, 23 प्रतिशत वृद्धि।
- झारखंड: 2,821 करोड़ रुपये, 31 प्रतिशत वृद्धि।
- पंजाब: 2,856 करोड़ रुपये, 25 प्रतिशत वृद्धि।
- बिहार: 1,827 करोड़ रुपये, 24 प्रतिशत वृद्धि।
- असम: 1,934 करोड़ रुपये, 47 प्रतिशत वृद्धि।
असम ने प्रमुख राज्यों में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की। वहीं मध्यप्रदेश की 29 प्रतिशत वृद्धि भी राष्ट्रीय औसत 22.9 प्रतिशत से अधिक रही।
क्या संकेत दे रहे हैं जीएसटी के आंकड़े?
जीएसटी संग्रह में आई यह तेजी देश में आर्थिक गतिविधियों, वस्तुओं और सेवाओं के लेनदेन तथा कर अनुपालन की स्थिति के लिए सकारात्मक संकेत है। आयात से मिलने वाले राजस्व में तेज वृद्धि के साथ घरेलू कारोबार से प्राप्त टैक्स में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है।
मध्यप्रदेश के लिए 29 प्रतिशत की वृद्धि विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यह प्रदेश के कारोबार और कर संग्रह के विस्तार का संकेत देती है। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि प्रदेश जीएसटी संग्रह की इस रफ्तार को किस तरह बरकरार रखता है।
आंकड़ों पर एक नजर
भारत का कुल GST संग्रह₹2.31 लाख करोड़
+22.9%
मध्यप्रदेश का संग्रह₹3,768 करोड़
+29%
शुद्ध राष्ट्रीय संग्रह₹2,03,356 करोड़
रिफंड के बाद
अप्रैल-अक्टूबर संग्रह₹14.78 लाख करोड़
+13.2%
