शिवपुरी। मध्य प्रदेश का शिवपुरी भारत का नया डिफेंस हब बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को यहां 2,500 करोड़ से स्थापित होने वाले अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की आधारशिला रखी, जिसे दक्षिण एशिया के निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा डिफेंस एवं एयरोस्पेस निर्माण संयंत्र बताया जा रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सीएम ने कहा, शिवपुरी तेजी से औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अदाणी डिफेंस प्लांट की स्थापना से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और मप्र रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल होगा। मप्र का शिवपुरी अब देश के बड़े रक्षा उत्पादन केंद्रों में शामिल होने जा रहा है। पाली गांव में एनएच-27 के किनारे अदाणी समूह की करीब 2500 करोड़ की डिफेंस फैक्ट्री का शिलान्यास किया गया।
इस मेगा प्रोजेक्ट में गोला-बारूद, अत्याधुनिक हथियार, मिशन-रेडी मिसाइलें और हाईटेक डिफेंस इक्विपमेंट का निर्माण होगा। समारोह में अदाणी समूह के निदेशक करण अदाणी और जीत अदाणी मौजूद रहे। कार्यक्रम से पहले सभी अतिथियों ने प्रदर्शनी में आधुनिक हथियारों और रक्षा उपकरणों का अवलोकन भी किया। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। शिवपुरी में स्थापित होने वाला यह डिफेंस और एयरोस्पेस प्लांट प्रदेश के औद्योगिक विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
रोजगार और एमएसएमई को मिलेगा बड़ा लाभ
प्रस्तावित डिफेंस प्लांट से शिवपुरी और आसपास के क्षेत्रों में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को रक्षा उत्पादन की सप्लाई चेन से जुडऩे का अवसर मिलेगा। इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मप्र में 1.10 लाख करोड़ का होगा निवेश
अदाणी समूह के निदेशक जीत अदाणी ने कहा, समूह ने मप्र में 1 लाख 10 हजार करोड़ के निवेश का ऐलान किया है। यह निवेश पंप हाइड्रो स्टोरेज, सीमेंट, माइनिंग, लॉजिस्टिक्स और थर्मल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा। उन्होंने कहा, 2030 तक मप्र में करीब 1 लाख 20 हजार रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है और शिवपुरी की यह डिफेंस फैक्ट्री उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
स्थानीय युवाओं का कौशल योगदान देश की रक्षा में
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि भविष्य में जब भी देश की सुरक्षा की बात होगी, शिवपुरी की पहचान रक्षा उत्पादन के केंद्र के रूप में होगी। यहां बनने वाले हथियार और गोला-बारूद भारतीय सेना की ताकत बढ़ाएंगे और स्थानीय युवाओं के कौशल का योगदान देश की रक्षा में दिखाई देगा। करीब 10 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार देने वाली यह डिफेंस फैक्ट्री शिवपुरी ही नहीं, पूरे मप्र के औद्योगिक विकास के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है। रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती देने के साथ यह परियोजना शिवपुरी को देश के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग मैप पर नई पहचान दिलाने जा रही है।
