नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर बयान से शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। दरअसल, ट्रंप ने कहा कि वे अब ईरान के साथ डील नहीं करना चाहते। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम और समझौता असल में खत्म हो चुके हैं। इसके बाद मार्केट भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव के कारण, 8 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 23,900 के नीचे आ गया। बुधवार को भारतीय रुपया भी 58 पैसे गिरकर 95.55 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि मंगलवार को यह 94.97 पर बंद हुआ था। ईरान पर ट्रंप का सख्त बयान आते ही कच्चे तेल में असर दिखने लगा, अचानक भाव 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 1,677.12 अंक या 2.15 प्रतिशत गिरकर 76,503.60 पर और निफ्टी 516.65 अंक या 2.12 प्रतिशत गिरकर 23,882.05 पर बंद हुआ। 1092 शेयरों में बढ़त हुई, 3187 शेयरों में गिरावट आई और 175 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। कल मार्केट बंद होने पर बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों की कुल मार्केट कैप 4,80,20,223.18 करोड़ रुपये थी, जो आज 4,71,76,347.13 करोड़ रुपए रह गई। यानी 844586 करोड़ रुपये की गिरावट। निफ्टी में सबसे अधिक गिरावट वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल, इंटरग्लोब एविएशन, श्रीराम फाइनेंस, मारुति सुजुकी और एसयूएल शामिल रहे, जबकि बढ़त वाले शेयरों में ओएनजीसी, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, कोल इंडिया और बजाज ऑटो शामिल थे।
विभिन्न सेक्टर्स का परफॉर्मेंस कैसा रहा?
सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस काफी कमजोर रहा। सभी बड़े इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि इंडिया वीआईएक्स में लगभग 25 प्रतिशत की तेजी आई। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी बैंक (-2.5 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-2.5 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (-2.5 प्रतिशत) और निफ्टी मीडिया (-2.33 प्रतिशत) में भी गिरावट आई। निफ्टी ऑयल एंड गैस (-2.2 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (-2.2 प्रतिशत) और निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर (-2 प्रतिशत) में भी बिकवाली का दबाव दिखा। हालांकि, निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.97 प्रतिशत और निफ्टी मेटल में 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.2 प्रतिशत की गिरावट आई।
