-सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी बोली- सभी घटनाएं सीसीटीवी में रिकॉर्ड
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा हुआ है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि मंदिर के सीसीटीवी फुटेज में चढ़ावा चोरी की 70 नहीं, 105 घटनाएं कैद हुई हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट को जांच की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एसआईटी की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों की जांच कर आरोपियों की पहचान की है। चढ़ावे और कीमती सामान की रसीदें सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार होती हैं और सामान एसबीआई के लॉकर में रखा जाता है। कोर्ट ने एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया है।
इससे पहले 23 जून को पहली एसआईटी ने अपनी प्राइमरी जांच रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच सीसीटीवी में लगभग 70 संदिग्ध घटनाएं कैद हुईं थीं। फुटेज में पुलिस की गिरफ्त में आए 8 आरोपी नोटों की गड्डियां जेब और जूतों में छिपाते हुए दिखे थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दूसरी एसआईटी बनाई गई है, जो जांच कर रही है।
सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि एसआईटी 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल कर देगी। सुप्रीम कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को कानून के मुताबिक चार्जशीट पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ताओं ने एसआईटी रिपोर्ट की कॉपी मांगी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे देने से इनकार कर दिया। सीजेआई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि वह मामले को सेशन जज के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं करना चाहती। जरूरत पडऩे पर कोर्ट आगे की जांच के संबंध में आदेश जारी कर सकता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता शिवम पांडेय के मुताबिक, जिन मामलों में कानून के तहत 90 दिन में चार्जशीट दाखिल करना जरूरी होता है, वहां समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपी को वैधानिक यानी डिफॉल्ट बेल का अधिकार मिल सकता है। इस मामले में 90 दिन की अवधि पूरी हो रही है। इसलिए पुलिस के लिए चार्जशीट दाखिल करने की समय-सीमा अहम हो गई है।
चढ़ावा चोरी के मामले की जांच के लिए जुलाई में सुप्रीम कोर्ट में 4 याचिकाएं दाखिल की गई थीं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, यूपी सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था। याचिकाकर्ताओं में आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह, वकील एनके गोस्वामी, अजय कुमार राय और हिंदू धर्म परिषद शामिल हैं। याचिका में राम मंदिर ट्रस्ट के पैसों का पूरा ऑडिट कराने की मांग भी की गई है।
25 जून को 8 लोगों पर दर्ज हुई थी एफआईआर
रामजन्मभूमि थाने में 25 जून को 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। इनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्र शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपियों पर मंदिर से चोरी, कर्मचारी के तौर पर संपत्ति की चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति को छिपाने या उसका इस्तेमाल करने में मदद, आपराधिक साजिश और साझा मंशा से अपराध करने जैसी धाराओं में कार्रवाई की गई है। सभी फैजाबाद जेल में बंद हैं।
